अटल मिशन अन्तर्गत चयनित 61की शहरों डीपीआर आगामी 31 अक्टूबर तक सम्बन्धित अभियन्ताओं को बनाकर प्रस्तुत करना अनिवार्य: राजीव कुमार


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लखनऊ:    उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री राजीव कुमार ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश की जनता को बेहतर जन सुविधायें उपलब्ध कराने हेतु शहरों में विशेष रूप से सीवरेज की व्यवस्थायें एवं शुद्ध पेयजल घरों में उपलब्ध कराने हेतु पेयजल एवं सीवरेज हाउस होल्ड कनेक्शन दिलाये जाने हेतु समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाये ताकि योजना पूर्ण होने की प्रथम दिन से ही आम जनता लाभान्वित होने लगे। उन्होंने कहा कि अटल मिशन फाॅर रिजूवेनेशन एण्ड अर्बन ट्रान्सफार्मेशन के अन्तर्गत चयनित 61 शहरों में पेयजल पुनर्गठन योजना एवं सीवरेज परियोजनाओं के समस्त अवशेष डीपीआर आगामी 31 अक्टूबर तक सम्बन्धित अभियन्ताओं को बनाकर प्रस्तुत करने होंगे।
उन्होंने कहा कि योजनाओं से सम्बन्धित प्राप्त विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को आगामी अधिकतम 02 दिसम्बर तक स्वीकृति हेतु शासन हेतु भेजा जाना सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने कहा कि आगामी 01 वर्ष में अमृत योजनान्तर्गत चयनित शहरों में बेहतर सुविधायंे उपलब्ध कराने हेतु लगभग 1300 करोड़ रूपये के प्रस्ताव स्वीकृत कराकर आवश्यक कार्य प्राथमिकता से निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाये।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में प्रदेशवासियों को बेहतर जन सुविधायें उपलब्ध कराने हेतु विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत शुद्ध पेयजल एवं सीवरेज की सुविधायें उपलब्ध कराने हेतु जल निगम के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने अमृत, नमामि गंगे, स्टेट सेक्टर एवं जायका सहायतित समस्त परियोजनाओं के प्रस्तावित लगभग 21000 करोड़ रूपये के अन्तर्गत अवशेष परियोजनाओं की समय से स्वीकृति कराते हुये वर्ष 2020 तक वर्षवार प्राथमिकता निर्धारित कर पूर्ण कराया जाये। प्रदेश के 41 शहरों में स्थापित सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट को पूर्ण क्षमता के साथ चलाने हेतु निरन्तर सक्षम स्तर पर माॅनिटरिंग सुनिश्चित कराई जाये। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित कराया जाये कि शहर का गन्दा पानी किसी भी नाले या नदी में कतई न जाकर सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट में शोधन हेतु भेजा जाये।
श्री राजीव कुमार ने यह भी निर्देश दिये कि जे0एन0एन0यू0आर0एम0 के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं के तहत लम्बित परियोजनाएं समय से पूर्ण न होने पर पुनरीक्षित स्टीमेट प्रस्तुत करने पर विलम्ब के कारणों की जांच कराकर समय से कार्य न कराने वाले सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेदारी नियत की जाये। उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन समय से सुनिश्चित कराने हेतु परियोजनाओं को निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ निर्धारित माइलस्टोन केे अनुसार पूर्ण न कराने वाले सम्बन्धित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्टेड कर उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाये।
मुख्य सचिव ने कहा कि नमामि गंगे परियोजनाओं के अन्तर्गत भारत सरकार को भेजी गयी 07 परियोजनाओं -मुरादाबाद, बरेली, बुलन्दशहर के नालों की टैपिंग का कार्य, कानपुर, वाराणसी एवं मिर्जापुर के एस0टी0पी0 के अपग्रेडेशन का कार्य कराने हेतु भेजे गये विस्तृत परियोजना रिपोर्ट स्वीकृत कराने हेतु निरन्तर अनुरोध सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने जल निगम को यह भी निर्देश दिये कि निर्माणाधीन परियेाजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित कराने हेतु थर्ड पार्टी द्वारा निरीक्षण सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने कहा कि योजनाओं का बेहतर ढ़ंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने हेतु बनाई जा रही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने हेतु आवश्यकतानुसार सम्बन्धित अधिकारियों का रिफ्रेशर कोर्स भी कराया जाये। मुख्य सचिव ने प्रबन्ध निदेशक उ0प्र0 जल निगम को समस्त परियोजनाओं को प्रारंभ के स्तर से लेकर पूर्ण होने तक की समय सारिणी (टाइम लाइन) तैयार एक पृृष्ठ पर रिपोर्ट तैयार कर 03 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया और कहा कि निर्धारित टाइम लाइन से विचलन की छूट किसी भी दशा में नहीं दी जायेगी।
श्री राजीव कुमार ने कहा कि प्रदेश में विगत 10 वर्षों में स्थापित सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट की क्षमता का यूटिलाईजेशन की भी जांच कराकर यह सुनिश्चित कराया जाये कि स्थापित सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट पूर्ण क्षमता के साथ चालू कराया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि जल निगम अपनी छवि को और अधिक बेहतर बनाने हेतु प्रबन्ध निदेशक एक समिति गठित कर आगामी एक सप्ताह में प्राप्त सुझावों को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं का समय से बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने हेतु प्रमुख सचिव, नगर विकास को प्रत्येक सप्ताह अपने स्तर पर तथा मुख्य सचिव स्तर पर 15 दिन में समीक्षा बैठक आयोजित करानी होगी।
बैठक में अध्यक्ष, जल निगम श्री जी0पटनायक, प्रमुख सचिव, नगर विकास श्री मनोज कुमार सिंह, प्रबन्ध निदेशक, जल निगम श्री राजेश मित्तल, मुख्य अभियन्ता, जल निगम श्री अनिल कुमार गुप्ता सहित समस्त मण्डलों के मुख्य एवं अधीक्षण अभियन्ताओं सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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