राज्य के 1625 वनटांगिया गांवों को मुख्यधारा से जोड़कर, उनका सर्वांगीण विकास किया जाएगा: मुख्यमंत्री


PRESS (1)
लखनऊ:  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने राज्य के 1625 वनटांगिया गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर, उनका सर्वांगीण विकास करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पिछले 100 वर्षों से इन गांवों ने संघर्ष किया है। उन्होंने संघर्ष की सफलता तथा नव वर्ष की बधाई देते हुए आश्वस्त किया कि शीघ्र ही उन्हें सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री आज जनपद महराजगंज में आयोजित एक कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने महराजगंज जिले के पनियरा ब्लाॅक के 18 वनटांगिया गांव को राजस्व गांव का प्रमाण-पत्र प्रदान किया। साथ ही, इन गांवों में जनकल्याणकारी विकास कार्यों का शुभारम्भ भी किया। उन्हांेंने कहा कि प्रदेश में नई सरकार के कार्यभार ग्रहण करते ही, गोरखपुर जनपद के 05 तथा महराजगंज जनपद के 18 वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा प्रदान करने की कार्यवाही प्रारम्भ की गई। 19 नवम्बर, 2017 को गोरखपुर के 05 गांवों को राजस्व ग्राम का प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया था। इसी क्रम में जनपद महराजगंज के 18 वनटांगिया गांव को राजस्व ग्राम का प्रमाण-पत्र दिया जा रहा है।
योगी  ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार सभी 18 गांवों में 1123 वृद्धावस्था पेंशन, 185 विधवा पेंशन, 82 दिव्यांगजन पेंशन पात्र व्यक्तियों को दी जाएगी। इसके अलावा, 5849 व्यक्तियों को प्रधानमंत्री आवास दिए जाएंगे, 5675 शौचालय बनवाए जाएंगे, 263 इण्डिया मार्का-2 हैण्डपम्प स्थापित किए जाएंगे तथा 7182 परिवारों को पात्र गृहस्थी एवं अन्त्योदय का राशन कार्ड भी दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर ‘संकल्प से सिद्धि तक’ का मंत्र अपनाकर देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर वर्ष 2022 तक प्रदेश को गन्दगी, भ्रष्टाचार एवं गरीबी से मुक्त बनाने का लक्ष्य है। प्रदेश से परिवारवाद, वंशवाद एवं नक्सलवाद को समाप्त करके महिलाओं एवं बेटियों को सुरक्षा का अहसास दिलाया गया है।
योगी जी ने कहा कि वनटांगिया ग्राम के साथ-साथ मुसहर जाति को भी बिजली, सड़क, पानी, पक्का आवास, राशन कार्ड, स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र आदि की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बनवाकर उन्हें क्राफ्ट, पशुपालन, दोना-पत्तल बनाने, सब्जी उगाने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान कर, उन्हें स्वावलम्बी बनाया जाएगा। निःशुल्क पक्का आवास, बिजली कनेक्शन एवं खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। जहां बिजली पहुंचाने में दिक्कत है, वहां सोलर लाइट की व्यवस्था की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री  ने 25 वृद्धावस्था पेंशन, 337 चिकित्सा सहायता योजना, 21 विधवा पेंशन, 51 ट्राई साइकिल, व्हील चेयर, बैसाखी, 13 छड़ी, 13 सुनने की मशीन, 33 सिलाई मशीन वितरित किए। इसके अतिरिक्त, 15 हजार रुपए का रिवाॅल्विंग फण्ड, 141 शौचालय, 125 सौभाग्य-प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना के निःशुल्क कनेक्शन, 200 स्पेलर मशीन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, 17 वाॅलीबाॅल, नेट, टी-शर्ट आदि भी वितरित किए गए।
इस मौके पर खादी एवं ग्रामोद्योग, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, पंचायत, ग्राम्य विकास, सर्वहितकारी सेवाश्रम, बैंकिंग एवं बीमा नाबार्ड आदि विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाकर लोगों को योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके अलावा, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा निःशुल्क प्रचार-साहित्य का वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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