मुख्यमंत्री ने युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण में नियोजित करने पर बल दिया


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महापुरुषों की जयन्ती पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएं
 
शैक्षणिक संस्थाओं में ऐसे प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं, जिससे 
विद्यार्थियों में सामाजिक समरसता एवं सद्भाव के गुणों का विकास हो
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण में नियोजित करने पर बल दिया है। प्रदेश के समस्त केन्द्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य विश्वविद्यालयों तथा निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं सभी राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त/निजी महाविद्यालयों के प्राचार्याें को पत्र लिखकर उन्होंने इस सन्दर्भ में विशेष प्रयास किए जाने की अपेक्षा की है।
मुख्यमंत्री  ने कहा है कि कुलपतियों एवं प्राचार्यों द्वारा हर सम्भव प्रयास किए जाएं कि छात्र-छात्राओं को शिक्षा का समुचित माहौल मिले, जिससे वे शिक्षा पर ध्यान केन्द्रित कर सकें तथा किसी प्रोपोगेन्डा, दुष्प्रचार, अराजक-तत्वों आदि से प्रभावित न हों। इससे छात्र-छात्राएं शिक्षण संस्थाओं में उपलब्ध अवसर का सदुपयोग कर अपना भविष्य संवारने के साथ-साथ राष्ट्र के नव निर्माण में अमूल्य योगदान दे सकेंगे। उन्होंने कुलपतिगण तथा प्राचार्यों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि वे अपनी जिम्मेदारी का पूर्ण सदुपयोग करते हुए शिक्षण संस्थाओं में एक उत्कृष्ट एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का शैक्षिक वातावरण सृजित कर राष्ट्र के नव निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
योगी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रदेश के छात्रों के अलावा, अन्य राज्यों के छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इसके अतिरिक्त, कई संस्थाओं में अन्य देशों के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कई बार विश्वविद्यालय/महाविद्यालय प्रशासन तथा विद्यार्थियों के बीच समुचित संवाद स्थापित न होने के कारण विद्यार्थियों की छोटी-छोटी समस्याओं का समुचित समाधान नहीं हो पाता है, जिस कारण धरना/प्रदर्शन की स्थिति उत्पन्न होती है। इसलिए यह आवश्यक है कि समय-समय पर विश्वविद्यालय/महाविद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों/छात्र संगठनों के मध्य समुचित संवाद स्थापित किया जाए तथा छात्रों से जुड़े विभिन्न पहलुओं तथा समस्याओं को चिन्ह्ति कर, उनका समुचित समाधान समय रहते किया जाए।

 

योगी  ने कहा है कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि समस्त पात्र छात्र-छात्राओं को ससमय छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाए। इस हेतु यह आवश्यक है कि छात्रवृत्ति का आवेदन आॅनलाइन भरते समय छात्र-छात्राओं द्वारा त्रुटिरहित प्रविष्टयां अंकित कराने में उन्हें पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाए। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर से की जाने वाली कार्यवाहियां भी समय से की जाएं, ताकि कोई भी पात्र छात्र-छात्रा छात्रवृत्ति से वंचित न रह सके।
मुख्यमंत्री  ने अपेक्षा की है कि विभागाध्यक्ष के स्तर पर नियमित अन्तराल पर अभिभावकों के साथ मीटिंग आयोजित की जाए। कक्षा एवं छात्रावासों में छात्रों को नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा कक्षाओं का नियमित एवं सुचारू संचालन किया जाए। परिसर तथा परिसर के बाहर छात्र संगठनों एवं छात्रों द्वारा आयोजित किए जाने वाले विभिन्न शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर गतिविधियों हेतु विश्वविद्यालय प्रशासन की आवश्यकतानुसार अनुमति प्राप्त की जाए।
सांस्कृतिक मूल्यों एवं संवैधानिक व्यवस्था के प्रति जागरूक करने हेतु समय-समय पर कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों का आयोजन हो तथा महापुरुषों की जयन्ती पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के साथ-साथ अन्तर्विश्वविद्यालयीय स्तर पर भी किए जाएं।
योगी  ने यह भी कहा है कि परिसर में छात्र-छात्राओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य हेतु आवश्यक प्रबन्ध किए जाएं। समाज के विभिन्न वर्गाें के मध्य विषमताओं के होते हुए भी शैक्षणिक संस्थाओं में ऐसे प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं, जिससे विद्यार्थियों में सामाजिक समरसता एवं सद्भाव के गुणों का विकास हो।
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया है कि छात्र-छात्राओं में समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिकता का भाव विकसित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। शिक्षा में तकनीक के उपयोग को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि तकनीकी का उपयोग सकारात्मक उद्देश्यों के लिए करने हेतु छात्रों को इसके सकारात्मक पक्ष से अवगत कराया जाए।

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