डाॅ0 आंबेडकर का मानना था कि शिक्षा को बढ़ावा देकर ही समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है—-राज्यपाल


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लखनऊ: राज्यपाल श्री राम नाईक  ने कहा कि बाबा साहब डाॅ0 बी0 आर0 आंबेडकर बेहद प्रतिभाशाली एवं अनोखे व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने बहुत कष्ट उठाकर उच्च शिक्षा प्राप्त की और महान शिक्षाविद्, कानूनवेत्ता और समाज सुधारक बने। बाबा साहब भारतीय संविधान की ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष थे, जो कि अत्यन्त चुनौतीपूर्ण कार्य था। संविधान निर्माण में बाबा साहब के योगदान को भारतवासी युगों-युगों तक स्मरण करेंगे। उन्होंने कहा कि संविधान हमें अधिकार व दायित्व दोनों का बोध कराता है। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया। डाॅ0 आंबेडकर का मानना था कि शिक्षा को बढ़ावा देकर ही समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है।
राज्यपाल  आज यहां भारतरत्न बोधिसत्व बाबा साहब डाॅ0 भीमराव आंबेडकर महासभा में बाबा साहब डाॅ0 बी0आर0 आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने बाबा साहब डाॅ0 बी0आर0 आंबेडकर को भारतीय संविधान का शिल्पी बताते हुए कहा कि आज पूरा देश भारत माता के इस सपूत को अपनी श्रद्धांजलि दे रहा है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि डाॅ0 बी0आर0 आंबेडकर का मानना था कि समता मूलक समाज की स्थापना करके ही स्वस्थ समाज की संकल्पना को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक, आर्थिक विषमता समाज के लिए अभिशाप है। इसलिए हम सभी समतामूलक समाज के निर्माण के लिए प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्तमान केन्द्र व राज्य सरकार डाॅ0 बी0आर0 आंबेडकर की भावनाओं के अनुरूप कार्य कर रही है तथा समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को लाभान्वित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने गरीबों, वंचितों को आवास, गैस कनेक्शन, विद्युत कनेक्शन तथा शौचालय उपलब्ध कराने के साथ-साथ मुद्रा व स्टार्टअप जैसी योजनाओं के माध्यम से भी उन्हें लाभान्वित करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर सरकारी कार्यालय में डाॅ0 बी0आर0 आंबेडकर की तस्वीर सम्मानजनक ढंग से स्थापित की गई है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  के नेतृत्व में डाॅ0 आंबेडकर से जुड़े स्थलों यथा मध्य प्रदेश राज्य में उनकी जन्मभूमि, इंग्लैण्ड में उनका शिक्षा स्थल, दिल्ली में राजकीय भूमि, मुम्बई में चैत्य भूमि आदि को महत्व देकर पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने  कहा कि वर्तमान सरकार ने वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने का काम किया, जिससे इन गांवों को भी शासन की योजनाओं का  लाभ दिया जा सके।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि वर्तमान सरकार वर्ष 2018-19 मंे 25 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने का कार्य कर रही है, जिसकी पहली किस्त लाभार्थियों के खाते में अंतरित की जा चुकी है। शेष धनराशि 26 जनवरी, 2019 को अंतरित कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में 3.5 करोड़़ परिवारों को राशन कार्ड दिया जाएगा। केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से प्रत्येक गरीब परिवार को 05 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जा रहा है, जो स्वास्थ्य की दिशा में विश्व की सबसे बड़ी योजना है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने उ0प्र0 अनुसूचित जाति, जनजाति वित्त विकास निगम को पुनर्जीवित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि निगम कार्य योजना बनाकर प्रत्येक वर्ष सभी जनपदों में 10 अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लोगों को स्वावलम्बन से जोड़ने की दिशा में कार्य करे। इससे आनेवाले समय में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा।
कार्यक्रम को भारतरत्न बोधिसत्व बाबा साहब डाॅ0 भीमराव आंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा उ0प्र0 अनुसूचित जाति, जनजाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री लालजी प्रसाद निर्मल ने भी सम्बोधित किया।
इससे पूर्व, राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने डाॅ0 आंबेडकर महासभा परिसर में स्थापित तथागत बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा डाॅ0 आंबेडकर के अस्थिकलश पर पुष्पांजलि भी अर्पित की।
इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्रिगण श्री स्वामी प्रसाद मौर्य, श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी, लखनऊ की महापौर सुश्री संयुक्ता भाटिया सहित जनप्रतिनिधिगण अपर मुख्य सचिव सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी व अन्य अधिकारीगण एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

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