बाघिन अवनि की ‘हत्या’ से बिफरीं केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, सीएम फडनवीस से करेंगी शिकायत


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नई दिल्ली   |   आदमखोर बाघिन अवनि (टी-1) के मारे जाने के तौर-तरीकों को लेकर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बाघिन अवनि की  जिस क्रूरता के साथ हत्या की गई है, इससे वे बहुत दुखी हैं। उन्होंने राज्य सरकार के साथ शिकारी पर भी कई सवाल उठाए हैं और कहा कि वे इस मामले की शिकायत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस से करेंगी।

वन्यजीव प्रेमी और पीपुल्स फॉर एनीमल्स संस्था चलाने वाली केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने रविवार को बाघिन अवनि की बर्बरतापूर्ण हत्या को अपराध करार देते हुए शार्प शूटर असगर अली पर कई सवाल उठाए हैं। अपने ट्विटर अकाउंट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मेनका गांधी ने कहा कि ये सीधा-सीधा अपराध का मामला है। उनका कहना है कि वे वन्य जीवों के प्रति सहानूभूति न रखने वालों के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक रूप से कार्रवाई करने के पक्ष में हैं। साथ ही वे इस मामले को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस के सामने पूरी गंभीरता के साथ उठाएंगी।

मेनका के मुताबिक कई वन्यजीव कार्यकर्ताओं के अनुरोध के बावजूद महाराष्ट्र के वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बाघिन को मारने के आदेश जारी कर दिए। उनका आरोप है कि वन मंत्री लगातार यह कर रहे हैं और राज्य में यह तीसरा बाघ मारा गया है। इससे पहले कई तेंदुओं और जंगली सुअरों की भी हत्या की जा चुकी है।

केंद्रीय मंत्री ने हैदराबाद के शार्प शूटर शफात अली खान पर निशाना साधते हुए कहा कि हर बार शिकारी के तौर पर शाफत अली खान को बुलाया जाता था और इस बार उसके बेटे असगर अली को बुलाया गया। मेनका का कहना है कि उसका बेटा शिकार के लिए अधिकृत ही नहीं था, जो पूरी तरह से गैरकानूनी है। उनका कहना है कि जब वन्य अधिकारी बाघिन को ट्रैंक्लाइजर का उपयोग करके उसे पकड़ना चाहते थे, लेकिन असगर अली ने मंत्री के कहने पर उसे गोली मार दी।

केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को चिंता है कि मां के मारे जाने के बाद उसके दो शावक भी जल्द ही दम तोड़ देंगे। मेनका गांधी के मुताबिक शाफत अली खान ने महाराष्ट्र के चंद्रपुर में 3 बाघ, 10 तेंदुए, कुछ हाथी और 300 जंगली सुअरों को मारा है। उस पर हैदराबाद में हत्या का मुकदमा चल रहा है और वह देशद्रोहियों को हथियार मुहैया कराता है। मेनका के मुताबिक बावजूद इसके राज्य सरकार ने अमानवीय कृत्यों और अवैध सेवाओं के लिए ऐसे व्यक्ति की सेवाएं लीं।

गौरतलब है कि यवतमाल जिले के पांढरकवड़ा के वन क्षेत्र में बाघिन अवनि को शुक्रवार देर रात मार दिया गया। उसे आदमखोर घोषित कर दिया गया था क्योंकि उसने 14 लोगों को अपना शिकार बनाया था। उसे खत्म करने के लिए 200 लोगों की टीम लगाई गई थी। इस सितंबर महीने में उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि उसे गोली मारी जा सकती है, जिसके बाद लोगों ने उसे माफी देने की ऑनलाइन कैंपेन #Justice4TigressAvni शुरू किया था।


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