पुरानी पेन्शन योजना:बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल का समर्थन किया, 27 अक्टूबर तक मांग पूरी न हुई तो बिजली कर्मचारी आन्दोलन हेतु बाध्य होंगे


WhatsApp Image 2018-10-22 at 5.18.17 PM
lucknow | पुरानी पेन्शन योजना की बहाली हेतु राज्य कर्मचारियों की हड़ताल का खुला समर्थन करते हुए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन की हड़ताल के बाद ऊर्जा निगमों सहित प्रदेश के सभी विभागों। निगमों में पुरानी पेन्शन योजना लागू करने के आदेश न हुए तो ऊर्जा निगमों के तमाम कर्मचारी व अभियन्ता आन्दोलन प्रारम्भ करने हेतु बाध्य होंगे जिसकी घोषणा 27 अक्टूबर को कर दी जायेगी।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की आज यहां हुई आपात बैठक में उक्त निर्णय लिया गया। संघर्ष समिति की बैठक में शैलेन्द्र दुबे, राजीव सिंह, गिरीश पाण्डेय, सदरूद्दीन राणा, सुहैल आबिद, बिपिन वर्मा, शशिकान्त श्रीवास्तव, डी के मिश्र, पी एन राय, पूसेलाल, मोहम्मद इलियास, के एस रावत, परशुराम, आर एस वर्मा, कुलेन्द्र सिंह चैहान, पी एन तिवारी मुख्यतया उपस्थित थे।
संघर्ष समिति ने पुरानी पेन्शन योजना बहाली हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को पत्र भेज कर स्मरण दिलाया कि सांसद रहते हुए उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री डा0 मनमहोन सिंह को पत्र लिखकर पुरानी पेन्शन लागू करने की मांग की थी जिससे स्पष्ट है कि पुरानी पेन्शन योजना के प्रति मुख्यमंत्री जी की सैद्धांतिक सहमति है अतः अब उन्हें इसे लागू करने में कोई विलम्ब नहीं करना चाहिए।
संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को प्रे्रषित पत्र में लिखा है कि उ प्र राज्य विद्युत परिषद के विघटन के बाद गठित ऊर्जा निगमों में पेन्शन नहीं दी जा रही है जो अन्यायपूर्ण है। समिति ने मांग की है कि ऊर्जा निगमों के तमाम कर्मचारियों व अभियन्ताओं के लिए पुरानी पेन्शन योजना तत्काल लागू की जाये। समिति ने पुरानी पेन्शन योजना लागू कराने हेतु कर्मचारियों की हड़ताल का पुरजोर समर्थन करते हुए चेतावनी दी है कि इस संघर्ष में बिजली कर्मी मूकदर्शक नहीं रहेंगे और आन्दोलन प्रारम्भ करने हेतु बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Scroll To Top