अर्धसैनिक बलों को भी मिले ‘शहीद’ का दर्जा: दीपेन्द्र हुड्डा


 

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नई दिल्ली.आज लोकसभा में शून्यकाल के दौरान सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने विभिन्न अर्धसैनिक बलों में सेवारत और सेवानिवृत सैनिकों की मांगों को महत्वपूर्ण बताते हुए सरकार के समक्ष रखा और गृह मंत्री जी से मांग की कि वे विभिन्न अर्धसैनिक बलों के प्रतिनिधि मण्डल से मिलें और उनकी सारी समस्याओं का निवारण तुरन्त किया जाये. दीपेन्द्र ने कहा कि केवल मांग उठाने तक ही सीमित नहीं रहेंगे बल्कि जब तक अर्धसैनिक बलों के सैनिकों की ये मांगें पूरी नहीं होती तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा.

सांसद ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हमारे अर्धसैनिक बल देश की रक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, कश्मीर से लेकर उत्तर पूर्वी और नक्सल प्रभावित राज्यों तक, बंदरगाह, एयरपोर्ट और दूसरे महत्वपूर्ण केन्द्रों और आपदा के समय भी अर्धसैनिक बलों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है. दुर्भाग्य की बात है कि अपनी मागों को सरकार तक पहुँचाने के लिये इन लोगों को कुछ दिन पहले राजघाट में धरना भी देना पड़ा था.

सांसद ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अर्धसैनिक बल के सैनिकों को भी सेना की तर्ज पर शहीद का दर्जा देने की पुरजोर मांग रखते हुए कहा कि शहीद-शहीद में फरक नहीं हो सकता और शहादत की कोई कीमत नहीं होती इसीलिए शहीद होने पर इनके परिवारों को भी सभी सुविधायें और सेना के समान मुआबजा मिलना चाहिये.

उन्होंने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि मौजूदा परिवेश में हमारे अर्धसैनिक बल भी सेना के साथ कंधा से कंधा मिला कर देश की रक्षा कर रहे हैं और इनके योगदान को किसी से कम नहीं आँका जा सकता है, इसी लिये अर्धसैनिक बल या पैरामिलिटरी फोर्सेज की जगह अब इनका नाम इंटरनल सिक्यूरिटी फोर्सेज रखा जाना चाहिए.

सांसद ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सेना की तर्ज पर हमारे अर्धसैनिक बलों के लिये भी ‘वन रैंक वन पेंशन’ योजना की शुरुवात हो जिसका लाभ उनको मिलना चाहिए. केंद्र सरकार की 1 जनवरी 2004 को जो नयी पेंशन योजना अर्धसैनिक बलों के लिये लागू की गयी है उसकी जगह पुरानी पेंशन योजना ही लागू की जाये.

उन्होंने सदन में मौजूद वित्त मंत्री  से मांग करते हुए कहा कि जिस तरह से आपने सेना के लिये सीएसडी कैंटीन को जी एस टी की छूट दी है उसी तरह हमारे अर्धसैनिक बलों के लिये चालित सेंट्रल पुलिस कैंटीन (सी पी सी) को भी जी एस टी की छूट दी जाये. सांसद ने कहा कि सरकार को अर्धसैनिक बलों के कार्यरत, सेवानिवृत सैनिकों और उनके परिवारजनों के लिये स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार करने की जरुरत है. सरकार CGHS सुविधाओं का विस्तार करे और हरियाणा समेत पूरे देश के हर जिले में एमपैनलड हॉस्पिटल की सुविधा देने का काम करे.


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