प्रधानमंत्री ने वाराणसी को 1000 करोड़ रु0 की सौगात देते हुए 17 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं 6 परियोजनाओं का शिलान्यास किया


Press (5)
लखनऊ:   प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  ने कहा है कि भारत विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। केन्द्र की पिछली सरकार सरकारी धन का इस्तेमाल चुनाव जीतने के लिए करती रही, जिससे देश की आर्थिक स्थिति तबाह हो गयी और इसका असर सीधे-सीधे गरीबों पर पड़ा। उन्होंने कहा कि कोई भी गरीब व्यक्ति अपने आने वाली पीढ़ी को गरीबी विरासत में नहीं देना चाहता। वह अपनी भावी पीढ़ी के उत्थान एवं आर्थिक रूप से मजबूती का सपना देखता है। गरीबों के इसी सपने को हकीकत में साकार करने के उद्देश्य एवं संकल्प के साथ केन्द्र की सरकार कार्य कर रही है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  आज वाराणसी में अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन 305 करोड़ रुपये की लागत के पं0 दीनदयाल हस्तकला संकुल एवं व्यापार केन्द्र का उदघाटन अवसर पर आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 1000 करोड़ रुपये की सौगात देते हुए 17 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं 6 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने वड़ोदरा से बनारस के लिए महामना एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इसके अलावा, उन्होंने जल शव वाहिनी, वाॅटर एम्बुलेंस एवं उत्कर्ष स्माॅल फाइनेंस बैंक के वाराणसी में खुले हेड आॅफिस का उद्घाटन किया। उन्होंने बुनकर लड़के-लड़कियों को सोलर लाइट का प्रमाण-पत्र एवं किताबों का किट उपलब्ध कराया।
प्रधानमंत्री  ने कई-कई वर्षाें से लम्बित परियोजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि हम जिन योजनाओं का शिलान्यास करते हैं, उनका लोकार्पण भी करते हैं। वाराणसी में सामनेघाट तथा बलुआघाट पर गंगा नदी पर लगभग 12 वर्षाें से निर्माणाधीन सेतुओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो काम 12 वर्षाें मंे नहीं हो सका, उसे उत्तर प्रदेश की सरकार ने अपने 6 माह के कार्यकाल में ही पूरा कर दिखाया और आज ये दोनों सेतु आवागमन के लिए राष्ट्र एवं जनता को समर्पित किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सेतुओं एवं अन्य उदघाटन की जाने वाली परियोजनाओं के माध्यम से निश्चित रूप से विकास का रास्ता खुलेगा। उन्होंने कहा कि पं0 दीनदयाल हस्तकला संकुल एवं व्यापार केन्द्र काशी के शिल्पियों एवं बुनकरों के लिए वरदान है। इस केन्द्र के माध्यम से काशी के बुनकरों को अपनी कला कौशल एवं सामथ्र्य को दिखाने का जहां अवसर मिलेगा, वहीं पूरी दुनिया भी इसे देख सकेगी। इससे बुनकरों का आर्थिक विकास होगा और वे स्वावलम्बी होंगे।
श्री मोदी  ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  की प्रशंसा करते हुए कहा कि योगी सरकार ने 6 महीने के अपने कार्यकाल में उत्तर प्रदेश के विकास के रुके एवं जाम हो चुके पहिये को पूरी रफ्तार दे दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्रीका स्वागत करते हुए कहा कि 12-12 वर्षाें से लम्बित परियोजनाओं के कारण जनता और विशेषकर काशीवासी निराश हो चुके थे। वे समझने लगे थे कि सामने घाट और बलुआघाट पर बनने वाले सेतु का निर्माण अब पूरा ही नहीं होगा। लेकिन प्रधानमंत्री जी के निर्देश पर राज्य सरकार ने सत्ता में आते ही कार्रवाई करते हुए इन दोनों सेतुओं को पूरा कराया। साथ ही, अन्य रुकी परियोजनाओं को भी गति से पूरा कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पं0 दीनदयाल हस्तकला संकुल से बुनकरों के जीवन में बदलाव आएगा और उनका आर्थिक विकास होगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य, केन्द्रीय वस्तु उद्योग एवं सूचना प्रसारण मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ने भी सम्बोधित किया।
इसे बाद प्रधानमंत्री  ने काशी की सिद्वपीठ दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा का दर्शन किया तथा मानस मंदिर में दर्शन के साथ ही रामायण पर डाक टिकट जारी किया।
पूर्व में, बाबतपुर हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री जी के पहुंचने पर राज्यपाल श्री रामनाईक जी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य सहित अन्य लोगों ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
प्रधानमंत्री  द्वारा लोकार्पित एवं शिलान्यास की जाने वाली परियोजनाएं
1-व्यापार सुविधा केन्द्र एवं हस्तकला संग्रहालय, बड़ालालपुर, वाराणसी।
वाराणसी के हथकरघा, हस्तशिल्प एवं सिल्क उत्पाद को विकसित करने एवं बढ़ावा देने के लिए वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा व्यापार सुविधा केन्द्र एवं हस्तकला संग्रहालय, वाराणसी का उत्कृष्ट केन्द्र के रूप में निर्माण कराया गया है। इस केन्द्र से 60000 हथकरघा बुनकरों की आजीविका जुड़ी हुई है। इसका मुख्य उद्देश्य (1) प्राचीन नगरी वाराणसी के समृद्ध क्राफ्ट संस्कृति में वृद्धि करना (2) हथकरघा एवं हस्तशिल्प ब्राण्ड के प्रदर्शन हेतु उचित वातावरण एवं प्लेटफार्म उपलब्ध कराना (3) व्यापार घरेलू केन्द्र में विदेशी क्रयकर्ताओं को व्यापार हेतु विविध एवं वृहद प्लेटफार्म उपलब्ध कराना व (4) घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन का विकास करना है। इस केन्द्र का शिलान्यास दिनांकः 07.11.2014 को हुआ व दिनांकः 28.11.2015 से कार्य प्रारम्भ किया गया। कार्य पूर्णता की निर्धारित तिथि दिनांकः 30 सितम्बर, 2017 है। इस निर्माण परियोजना की प्रस्तावित लागत लगभग 253.00 करोड़ है। दिनांकः 22.12.2016 को मा0 प्रधानमंत्री जी, भारत सरकार द्वारा व्यापार सुविधा केन्द्र के प्रथम चरण के अन्तर्गत स्थापित म्यूजियम, क्राफ्ट बाजार एवं प्रवेश प्लाजा का उद्घाटन किया जा चुका है।
2-कज्जाकपुरा स्थित 33/11 के0वी0ए0 विघुत उपकेन्द्र तथा विभिन्न उपकेन्द्रों में 33/11 के0वी0ए0 के प्रवर्तकों (8 नग) की क्षमता वृद्धि
जनपद-वाराणसी (शहर) – आई0पी0डी0एस0 योजना के अन्तर्गत कज्जाकपुरा में  रू.4.50 करोड़ की लागत से 2ग10 एम0वी0ए0 क्षमता के नये 33/11 के0वी0 उपकेन्द्र, कज्जाकपुरा का निर्माण किया गया है। विद्युत उपकेन्द्र के निमार्ण कार्य माह जून 2017 में प्रारम्भ हुआ था जो दिनांक 15 सितम्बर, 2017 को पूर्ण हो गया है।
3-गरथौली स्थित 33/11 के0वी0ए0-
जनपद-वाराणसी (ग्रामीण) – दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अन्तर्गत गरथौली में रू.1.85 करोड़ की लागत से 1ग5 एम0वी0ए0 क्षमता के नये 33/11 के0वी0 उपकेन्द्र, गरथौली का निर्माण किया गया है, जिससे लगभग 18 ग्रामों को बेहतर विद्युत आपूर्ति प्राप्त होगी तथा लो-वोल्टेज की समस्या का निराकरण हो जायेगा। 33/11 के0वी0 विद्युत उपकेन्द्र, गरथौली का निमार्ण कार्य माह अक्टूबर 2016 में प्रारम्भ हुआ था। जो दिनांक 17 सितम्बर, 2017 को पूर्ण हो जायेगा।
4-जनपद वाराणसी में बी0एच0यू0 के प्रवेश द्वार के सामने रामनगर (सामनेघाट) मार्ग पर गंगा नदी सेतु
जनपद वाराणसी में गंगा नदी सेतु सामनेघाट पर 923.95 मी0 लम्बे सेतु की स्वीकृति शासनादेश दिनांकः 01.02.2006 द्वारा रू0 4508.90 लाख की प्राप्त हुई, जिसमें सेतु अंश रू0 3893.00 लाख था। सेतु का निर्माण कार्य दिनांकः 20.09.2006 को प्रारम्भ किया गया। वन विभाग के साथ समस्याओं के कारण सेतु का निर्माण कार्य एक वर्ष तक बाधित रहा। सेतु के 923.95 मी0 में 264 मी0 लम्बाई में नेवीगेशनल स्पान के सुपर स्ट्रक्चर में स्अील ट्रस का प्राविधान किया गया है। सेतु की पुनरीक्षित स्वीकृति दिनांकः   27.04.2016 को रू0 9772.32 लाख की प्राप्त हुई, जिसमें सेतु अंश रू0 8474.38 लाख एवं पहुॅंच मार्ग अंश रू0 1297.97 लाख है। इस सेतु के निर्माण से रामनगर से वाराणसी आने के लिए यातायात सुगम हो गया है एवं दूरी काफी घट गयी है। सेतु को पूर्ण करने की तिथि माह अगस्त, 2017 है।
5-जनपद वाराणसी में धानापुर-चहनियॉं मार्ग पर गंगा नदी सेतु बलुआघाट का निर्माण
जनपद वाराणसी में धानापुर-चहनियॉं मार्ग पर 981.69 मी0 लम्बे सेतु की स्वीकृति शासनादेश दिनांकः 19.11.2005 द्वारा रू0 3863.81 लाख की प्राप्त हुई, जिसमें सेतु अंश रू0 3664.73 लाख प्राविधानित था। गंगा नदी सेतु बलुआघाट का निर्माण कार्य दिनांकः 19.04.2006 को प्रारम्भ किया गया। सेतु के नैवीगेशनल स्पान के निर्माण हेतु भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण, भारत सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र दिनांकः 19.02.2014 को निर्गत हुआ, जिसके कारण विलम्ब हुआ। सेतु के 981.69 मी0 में 356 मी0 लम्बे नैवीगेशनल पानक े सुपर स्ट्रक्चर में स्अील ट्रस का प्राविधान किया गया है। सेतु की पुनरीक्षित स्वीकृति दिनांकः 27.04.2016 को रू0 9218.38 लाख की प्राप्त हुई, जिसमें सेतु अंश रू0 8513.09 लाख एवं पहुॅंच मार्ग अंश रू0 705.29 लाख है। इस सेतु के निर्माण हो जाने से धानापुर साइड के कईं गांवों की लगभग 10 लाख की आबादी लाभान्वित होगी। सेतु को पूर्ण करने की तिथि माह अगस्त, 2017 है।

 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Scroll To Top