देहरादून में सौतेली मां ने बेटी के किए टुकड़े-टुकड़े, लाश को बाथरूम में छिपाया


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  • सौतेली मां ने बेटी को मौत के घाट उतारा
  • टुकड़े कर बाथरूम में छिपाई लाश
  • आठ फरवरी को दर्ज हुई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट

देहरादून: देहरादून में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सौतेली मां ने 21 वर्षीय युवती के टुकड़े कर लाश को बाथरूम में कपड़ों के नीचे छुपा दिया। युवती बेटी एयर हॉस्टेस का कोर्स कर रही थी। जबकि सौतेली मां ने खुद आठ फरवरी को पटेलनगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

जब पुलिस ने मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस की तो इसका खुलासा हो गया। सौतेली मां को हिरासत में लिया गया है। पुलिस प्रॉपर्टी विवाद के साथ ही हॉरर किलिंग से जोड़कर मामले की जांच कर रही है।

पटेलनगर कोतवाली इंस्पेक्टर रितेश शाह ने बताया कि मोनू कौर ने गुरुवार को पटेलनगर में अपनी बेटी प्राप्ति सिंह(21) पुत्री स्वर्गीय अजीत पाल की गुमशुदगी दर्ज कराई। सौतेली मां ने पुलिस को बताया था कि वह सात फरवरी को बेटी को आईएसबीटी छोड़ने आई थी। उसका दिल्ली में एक कंपनी में इंटरव्यू था। दिल्ली जाते हुए रास्ते में दो बार बात भी हुई, इसके बाद से उसका फोन बंद है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की।

इंस्पेक्टर शाह ने बताया कि मां और बेटी दोनों का फोन नंबर की लोकेशन जांच में पता चला कि वह सात फरवरी को आईएसबीटी गए ही नहीं। सात फरवरी के बाद मोबाइल पर मां-बेटी की कोई बात भी नहीं हुई।

शक के आधार पर पुलिस मोनू कौर के पलटन बाजार के समीप अंसारी मार्ग स्थित आवास पर जांच के लिए पहुंची। जहां बेडरूम से अटैच बाथरूम के एक कोने पर कपड़ों में छिपाकर रखा गया बेटी का शव मिला। शव को दो हिस्सों मे काटा गया था। पुलिस ने मौके पर ही मां को हिरासत में ले लिया। पुलिस हत्या में प्रयुक्त ईंट और धारदार हथियार कब्जे में ले लिया है।

बताया जा रहा है कि 6 फरवरी को रात करीब 10 बजे मीनू का प्राप्ति से झगड़ा हुआ था। इसके बाद वह प्राप्ति के सोने का इंतजार करने लगी। डेढ़ बजे के करीब सोते समय प्राप्ति की कनपटी पर ईंट से प्रहार किए। वो बेहोश हो गई तो खुखरी से उसकी गर्दन काटने की कोशिश की। सौतेली मां यहीं नहीं रुकी, इसके बाद वो लाश को खींचकर बाथरूम में ले गई और खुखरी से सवा चार घंटे तक उसकी लाश काटती रही।

सात फरवरी की सुबह से ही मीनू कौर ने सामान्य रहने की कोशिश शुरू कर दी। उसकी मंशा यह थी कि वह शव को टुकड़ों में धीरे-धीरे बाहर फेंक आएगी। यही सोचकर उसने प्राप्ति को रोडवेज बस से दिल्ली भेजने की कहानी बनाई थी। प्राप्ति के मंगेतर वरुण और अन्य रिश्तेदारों की घेराबंदी की वजह से उसे बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराने आठ फरवरी को पटेलनगर थाने जाना पड़ा। नतीजा यह हुआ कि 24 घंटे में ही उसकी करतूत उजागर हो गई।


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