यूपी ATS ने लखनऊ में आतंकियों के सहयोगी को किया गिरफ्तार


एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि अकबर गाजीपुर जिले के जमनिया थाना क्षेत्र स्थित कसेरा पोखरा गांव का रहने वाला है। पांच फरवरी को बांदीपुरा में गिरफ्तार चारों आतंकियों ने पूछताछ में बताया था कि अकबर उनका सहयोगी है और हथियार सप्लाई करने के लिए उसने 40 हजार रुपये लिए हैं। यह पैसे उसने बाकायदा अपनी खाला (मौसी) के गाजीपुर के बैंक खाते में मंगाए हैं। इस सूचना के बाद एटीएस ने निगरानी शुरू की तो पाया कि अकबर लखनऊ आया हुआ है।
सोमवार को सुबह 11.05 बजे उसे लोहिया पथ के पास पकड़ लिया गया। इसके बाद पूछताछ के लिए उसे एटीएस कार्यालय लाया गया। पूछताछ और कतिपय साक्ष्यों के आधार पर उसके आतंकी कनेक्शन की पुष्टि होने पर डीएसपी विजयमल यादव की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया कि शेख अली अकबर सितंबर 2017 में वाट्सअप कॉल के माध्यम से आतंकियों के संपर्क में आया था। बाद में वह स्वयं भी कॉल करके बातचीत करता था। पाकिस्तान में बैठे आतंकियों ने उसे ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान आमंत्रित भी किया था लेकिन अभी वह जा नहीं पाया है। उसके पास दो मोबाइल फोन मिले हैं। मोबाइल से भी कई अहम सूचनाएं मिली हैं। वह ऐसे नौ वाट्सअप ग्रुप्स में सक्रिय पाया गया है, जिन पर जेहादी गतिविधियों से संबंधित सामग्री का आदान-प्रदान होता है। एटीएस उसके सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच कर रही है। पूछताछ से यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कार्य में कौन-कौन उसके सहयोगी हैं? कश्मीर में सप्लाई के लिए हथियार वह कहां से लाता है?
आईजी असीम अरुण ने बताया कि अकबर को कोर्ट से कस्टडी रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। कश्मीरी आतंकियों से अपने कनेक्शन के खुलासे का अंदेशा होने के बाद अकबर ने नई चाल चली थी। उसने पुलिस को ऐसे ई-मेल संदेश भेजे थे कि उसके पास आतंकियों के बारे में सूचनाएं हैं, जिसे वह बताना चाहता है।


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